...तो इसलिए भगवान को लगाया जाता है भोग

...तो इसलिए भगवान को लगाया जाता है भोग

कहा जाता है कि कुछ भी खाने से पहले भगवान को भोग जरूर लगा लेना चाहिए। ऐसा करने से भगवान भक्तों की रक्षा करते हैं। इसके बारे में एक कहानी यहां हम आपको बता रहे हैं। एक सेठ अपने बेटे को यह कह कर गया कि दुकान में कोई भी आए तो बिना पैसे के उसे कुछ नहीं देना। सेठ बड़ा कंजूस था। बाद में एक संत वहां पहुंचा। बेटे ने उसे एक चम्मच नमक दे दिया। सेठ आया तो उसने देखा कि एक डिब्बे का ढक्कन खुला है। उसने उससे पूछा कि उसने क्या बेचा?

इस पर बेटे ने बता दिया कि उसने एक चम्मच नमक उसे संत को बेचा है। सेठ ने कहा कि वह तो जहरीला पदार्थ था। वह संत के पास पहुंचा। संत उसे भगवान को भोग लगा चुके थे। संत ने कहा कि अब तो भोग लग गया है। अब तो मैं इस प्रसाद को खाऊंगा ही। यह कहकर संत ने उसे खा लिया। सेठ वहीं रात भर रुक गया कि यदि संत की तबीयत बिगड़ी तो वैद्य को दिखाकर वह इलाज करा देगा, ताकि वह बदनामी से बच जाए।

सुबह हो गई। संत एकदम स्वस्थ नजर आ रहे थे। मंदिर का दरवाजा खोला तो भगवान के श्री विग्रह के दो टुकड़े हो गए थे। शरीर काला पड़ गया था। यह देखकर सेठ समझ गया कि यदि भगवान को भोग लगाकर खाया जाए तो भगवान जहर को भी खुद ग्रहण कर लेते हैं और अच्छा प्रसाद भक्तों के लिए छोड़ देते हैं। इसके बाद सेठ ने अपने घर और दुकान अपने बेटे को संभालने के लिए दे दी और सेठ भक्ति करने के लिए निकल गया।

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