ये अलौकिक राज दबा है बाबा भैरवनाथ की इस गुफा में

ये अलौकिक राज दबा है बाबा भैरवनाथ की इस गुफा में

प्राचीन समय में जो लोग माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जाते थे, उस वक्त उन्हें प्राकृतिक गुफा से गुजरना पड़ता था। हालांकि, बाद में जब भीड़ बढ़ने शुरू हो गई तो एक और कृत्रिम गुफा का भी निर्माण करवा दिया गया। इससे भीड़ को कम करने में मदद मिली। माता की जो यह पवित्र गुफा है, यह करीब 98 फीट लंबी है।

इस गुफा के बारे में माना जाता है कि भगवान भैरवनाथ का शरीर आज भी यहां मौजूद है। बहुत से भक्त इसके बारे में बताते हैं कि जब भी इस गुफा के अंदर से गुजरते हैं तो उन्हें बाबा भैरवनाथ के यहां होने का एहसास भी होता है। ऐसा माना गया है कि इस गुफा में जो एक बार आ जाता है, उसे जीवन और मृत्यु के बंधन से भी मुक्ति मिल जाती है।

जो भक्त इस गुफा में आ चुके हैं, उनमें से बहुतों का मानना है कि उन्हें यह महसूस हुआ है जैसे भगवान यहां अपने भक्तों को आते-जाते देख रहे हों। यहां पर एक और गुफा भी है। इसे गर्भजून के नाम से जानते हैं। इसके बारे में भी यह मान्यता रही है कि जिस प्रकार एक बच्चा अपनी मां के पेट में 9 महीने तक रहता है, उसी तरीके से माता ने भी यहां 9 महीने तक निवास किया था। इसके बारे में कहा जाता है कि जो भी भक्त एक बार यहां पहुंच जाते हैं, उन्हें फिर कभी गर्भ में नहीं जाना पड़ता है।

इसलिए इस गुफा का बेहद महत्व है। इस बार माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने मकर संक्रांति के अवसर पर प्राचीन गुफा को खोलने का फैसला किया है। ऐसे में माता के भक्तों के लिए यह एक बेहद सुनहरा अवसर है इस गुफा के दर्शन करने का।

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