लॉकडाउन के कारण शादी, कार्यक्रम और प्रदर्शनी उद्योग में लाखों-करोड़ो का नुकसान, बड़ी संख्या में लोग हुए बेरोजगार

लॉकडाउन के कारण शादी, कार्यक्रम और प्रदर्शनी उद्योग में लाखों-करोड़ो का नुकसान, बड़ी संख्या में लोग हुए बेरोजगार

➢ विभिन्न स्थानों की क्षमताओं के आधार पर मेहमानों की अधिकतम संख्या पर छूट देने की मांग|

➢ वेडिंग, विभिन्न आयोजनों और प्रदर्शनी उद्योग के 5 करोड़ से अधिक परिवारों की आजीविका पर जोखिम, अब तक 5000 करोड़ रूपये तक के  नुकसान का अनुमान|

अहमदबाद। भारत सरकार के कोविद-19 महामारी के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा से अर्थव्यवस्था के लगभग सभी उद्योगों और क्षेत्रों को कड़ी चोट लगी है, और कई उद्योग लगभग ख़त्म होने की कगार पर आ गए है। यहां तक कि शादी, विभिन्न आयोजनों और प्रदर्शनी उद्योग, जिसका आकार लाखों में है और जिससे लाखों लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्रदान करता है, यह भी मंदी के हमले से अब बच नहीं पाया है। हालांकि, अर्थव्यवस्था की गंभीर स्थिति को देखते हुए एव इसके समर्थन के लिए, सरकार ने स्पष्ट मार्गदर्शनो और दिशानिर्देशों के साथ व्यापार को फिर से शुरू करने की अनुमति दी गयी है, लेकिन केवल शादी और इवेंट उद्योग के लिए मात्र 100 लोगों की उपस्थिति की सशर्त अनुमति दी गई है  प्रदर्शनी व सम्मेलन क्षेत्र को कोई छूट नहीं दी गई है, जिसके परिणामस्वरूप इन उद्योगो के लिए कोई राहत नहीं है।

लॉकडाउन के कारण बड़ी संख्या में शादी एव प्रदर्शनी बुकिंग रद्द होने के कारण, केटरिंग, मंडप डेकोरेटर्स, पार्टी-प्लॉट, फोटोग्राफी सहित सभी प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से शामिल व्यवसायों को भारी नुकसान उठाना पड रहा है। भारत की जीडीपी में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले इन उद्योगों को अनुमानित करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है और यदि इसका कोई ठोस उपाय नहीं निकला गया या राहत नहीं दी गई, तो कई उद्योग बंद हो जाएंगे| जिसका सीधा असर बड़ी संख्या में लोगों के रोजगार पर होगा।

इस स्थिति को देखते हुए, आज फेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया कैटरिंग, इवेंट मैनेजमेंट फेडरेशन, इवेंट इक्विपमेंट रेंटल एसोसिएशन (EERA), इंडियन एक्जिबिटर्स, कॉन्फ्रेंसिज़ एंड इवेंट्स सर्विसेज़ एसोसिएशन (IESA) और VPAG, VPEERA तथा मंडप डेकोर हायर्स एंड इलेक्ट्रिकल एसोसिएशन के तमाम प्रतिनिधियों एव उद्योगो के अधिकारियों ने केंद्र व राज्य सरकार से उद्योग के लिए एक विशेष राहत पैकेज की घोषणा करने तथा शादी/पार्टियों में शामिल होने वाले 100 व्यक्तियों की सीमा को बढ़ाने का आग्रह किया।

इस संबंध में, कैटरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष, श्री नरेंद्र सोमानी ने कहा कि "अनलॉक की मार्गदर्शिका के साथ-साथ, वर्तमान में कम से कम 100 मेहमानों के साथ शादियों की अनुमति दी गयी है, जो की उद्योग की आशा के अनुसार नहीं है। भारत समृद्ध संस्कृति और महान इतिहास रखने वाला एक विविध देश है। जहाँ शादी, त्योहार और अन्य प्रसंगो को सबसे अधिक व धूमधाम से मनाया जाता हैं। यह आयोजन व अवसर बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार भी प्रदान करते हैं, हम चाहते हैं कि सरकार ऐसे शुभ अवसरों में मेहमानों की संख्या में वृद्धि करे|  

इवेंट मैनेजमेंट फेडरेशन के संस्थापक व अध्यक्ष डॉ. जयदीप मेहता ने बताया कि, "कोविद-19 महामारी के कारण अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुँच रहा है। कोरोना महामारी ने तमाम छोटे-बड़े व्यवसायों को झटका दिया है। इस समय तमाम व्यवसाय जटिलता, अनिश्चितता और एक अविश्वसनीय भविष्य का सामना कर रहे हैं। हम उन सभी कोरोना वारियर्स एव सरकार को तहे दिल से धन्यवाद देते है जो अर्थव्यवस्था को सामान्य स्थिति में लाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। बेशक, इन सभी कठिनाइयों के बावजूद जीवन आगे बढ़ना ही चाहिए! सरकार अनलॉकिंग विभिन्न रणनीतिया अपना रही है जिससे निश्चित रूप से सैकड़ों व हजारों उद्योगों को जीवित रहने के लिए ऑक्सीजन मिला है|  परन्तु अनलॉकिंग गाइडलाइन से वेडिंग, इवेंट इंडस्ट्रीज और प्रदर्शनी उद्योगों को अभी भी कोई राहत नहीं मिली है।”

इंडियन एक्सहिबीटर्स, कॉन्फरेंसेस एंड इवेंट्स सर्विसेज एसोसिएशन के जतिन पटेल (देवघर) ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, "एक्सहिबिशन ऑर्गेनाइजर्स तथा सप्लायर्स आज भारी मुसीबत में है| यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि वह इस क्षेत्र में फिर से उभर भी पाएंगे या नहीं  क्योंकि इसका भविष्य अंधकारमय है। मार्च 2020 से शुरू हुआ लॉकडाउन इतने महीनो बाद भी बंद पड़ा है। यह क्षेत्र प्रत्येक उद्योग व भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में सीधे योगदान देता है। मौजूदा पांच महीनों के लॉकडाउन में, इस क्षेत्र से जुड़े सभी व्यवसायियों को भारी नुकसान हुआ है। सेक्टर को खोलने के की मंजूरी मिलने के बाद भी छह से आठ सप्ताह के बाद ही इसका काम शुरू होने की उम्मीद है। IEIA और ITPO  ने जुलाई में सरकार को पत्र सौंपकर इस क्षेत्र को फिर से खोलने की मांग की थी, लेकिन अभी तक इसकी कोई मंजूरी नहीं मिली है।

मंडप हायर्स एंड इलेक्ट्रिकल एसोसिएशन के श्री पिंटू भाई (पूजन डेकोर) ने कहा, "इस कोविद महामारी की परिस्थिति ने हमारे व्यापार को व्यापक रूप से प्रभावित किया है। उद्योग के प्रतिनिधि के रूप में, मैं सरकार से प्रतिबंधों को कम करने की अपील करता हूं ताकि हम अपने व्यवसाय को फिर से शुरू कर सकें। हमने सरकार को आश्वासन दिया है कि सभी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन किया जाएगा।” यदि अभी से आगामी शादियो के सीज़न के लिए दिशा-निर्देशों की घोषणा की जाती है, तो ही लोग पहले से शादी की योजना बना पाएंगे|

वीडियो-फ़ोटोग्राफ़र्स एसोसिएशन ऑफ़ गुजरात के हर्षद जाटकिया ने बताया कि फ़ोटोग्राफ़ी-वीडियोग्राफी अब शादी समारोह व कई अन्य धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक या व्यावसायिक अवसरों का एक अभिन्न अंग बन गया है। जिस व्यवसाय ने बड़े पैमाने पर कई लोगो को स्वरोजगार प्रदान किया है अब वही व्यवसाय धराशयी स्थिति में आ गया है। इस व्यवसाय से जुड़े लोगों और उनके परिवारों का जीवन यापन करना बहुत मुश्किल व असंभव सा हो गया है। उनके द्वारा अपने व्यवसाय को चलाने और अन्य कानूनी अदायगी करने के लिए जो ऋण लिया गया है, उसे चुका पाना अब उनके लिए असंभव हो गया है। इसलिए हम सरकार से आग्रह करते हैं कि नवंबर 2020 से शुरू होने वाले नए वेडिंग सीज़न के भीतर कम से कम 300 से 400 पुरुषों को अनुमति दी जाए और भले ही नया वेडिंग सीज़न नवम्बर से शुरू किया जाए परन्तु उसकी घोषण अगर अभी हो पाए तभी यह सफल हो सकता है|

अब सितंबर का महीना शुरू हो चूका है लेकिन अभी भी आशा की किरणें नहीं दिखाई पड़ रही हैं। क्योंकि, अवसरों/प्रसंगो का उत्सव इसी महीने से शुरू होता है, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए, इसमें कोई संदेह नहीं है कि शादी व इवेंट के उद्योगों में शामिल सैकड़ों हजारों व्यवसायों के जीवित रहने के लिए यह अंतिम उपाय हो सकता है। 22 सितंबर को ध्यान में रखते हुए, FIAC ने भारत के प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने शादियों में प्रति व्यक्ति सिमा 100 रखने पर पुनर्विचार करने और आवश्यक सुरक्षा सावधानियों का पालन करते हुए बड़ी संख्या में मेहमानों को आमंत्रित करने के लिए बड़ी जगह में कार्यक्रम आयोजित करने का अनुरोध किया है|

उल्लेखनीय है कि उपरोक्त उद्योगों से सम्बंधित व्यवसायों में कैटरर्स, इवेंट प्लानर्स, फूलवाला, टेंट और मंडप के ठेकेदार, फर्नीचर, ट्रांसपोर्टर, लाइट एंड साउंड सर्विस के ठेकेदार, फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर, प्रिंटर, विभिन्न विज्ञापनों, प्रिंटर, विभिन्न संगीतकार और परफॉर्मर्स, आर्टिस्ट, कार्यक्रम नियोजक, ज्वेलर्स, कपडा व्यापारी, टूर ऑपरेटर, होटल, बैंक्वेट-हॉल, पार्टी प्लॉट और भी कई अन्य शामिल हैं। इस प्रकार सरकार द्वारा किसी भी प्रकार की सहायता व घोषणा से एक व्यापक वर्ग प्रभावित होगा। अपने दिलो में एक आशा की उम्मीद लगाए, व्यापार समुदाय सरकार से एक अनुकूल और सहमत समाधान की उम्मीद कर रहा है।

इवेंट इक्विपमेंट रेंटल एसोसिएशन (EERA) के अनुसार, हमारे पास प्रौद्योगिकी उद्योगों में करोड़ो का निवेश होता हैं। जिसकी बहुत बड़ी किश्ते होती है। हमारे उद्योगों में उच्च योग्य इंजीनियर, तकनीशियन, कारीगर और मजदूर हैं, जिन्हें बहुत अधिक मात्रा में मासिक वेतन देना पड़ता है| लॉकडाउन की परिस्थिति में, भले ही किसी भी प्रकार की व्यावसायिक आय न हो, परन्तु सभी खर्च यथावत हैं।

इस परिस्तिथि के कारण हमारे उद्योग में कई कंपनियां बंद होने की कगार पर हैं। इन परिस्थितियों में साउण्ड वालो ने ऋण और खर्चों का भुगतान न कर पाने के कारण अपने व्यवसाय बंद करने के लिए मजबूर है, और अगर यह स्थिति जारी रहती है तो कई अन्य लोग भी इस स्थिति से पीड़ित हों इसका शिकार न बन जाए, इसी कारणवश हम आपसे विनती करते है की कृपया इस मुद्दे को गंभीरता से ध्यान में लिया जाए|

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