नेशनल जिओग्राफ़िक ने विश्व के सबसे बड़े चुनाव के लिए एक महा-निर्माण की घोषणा की

नेशनल जिओग्राफ़िक ने विश्व के सबसे बड़े चुनाव के लिए एक महा-निर्माण की घोषणा की

22 मई 2019 : 37 से भी ज़्यादा जगहों पर शूट की गई इस डॉक्यूमेंट्री में अतुल्य भारत की कहानी पेश की जाएगी, जब विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र चुनावी समर में उतर रहा है। जब 11 मिलियन निर्वाचन अधिकारीगण, 900 मिलियन से ज़्यादा मतदाता और 8000 उम्मीदवार विश्व के सबसे बड़े प्रजातांत्रिक अभ्यास में शिरकत करने के लिए 1 मिलियन निर्वाचन बूथों में जुटते हैं, तो इसका मतलब है कि आपके पास एक अविश्वसनीय कहानी है। 

नेशनल जिओग्राफ़िक एक ऐसा नाम है, जो पिछले 131 वर्षों से कहानी सुनाने के लिए एक गंभीर और विश्वसनीय तरीक़े का पर्याय बना हुआ है। आज इसने अपने सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स में से एक –“ग्रेट इंडियन इलेक्शन” को कवर करने की घोषणाकी। 6 अद्भुत महीने दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक अभ्यास की कहानी बयाँ करते हैं। इस कहानी को मल्टी क्रू प्रोडक्शन ने देश के कोने-कोने में 37 जगहों पर शूट किया है। श्रंखला-लेवल में सबसे ऊँचे बैठे केंद्रीय निर्वाचन आयोग से लेकर बूथ लेवल के अधिकारियों तक, टॉप के नेताओं से लेकर ग्राउंड लेवल के पार्टी कार्यकर्ताओं तक, पहली बार मतदान कर रहे मतदाता से लेकर सौ वर्ष तक की आयु वाले मतदाताओं समेत, ऐसा कुछ भी नहीं जो नेशनल जिओग्राफ़िक के कैमरों ने कवर न किया हो, ताकि विश्व के सबसे बड़े चुनाव की कहानी सबके सामने लाई जा सके... जिसने पूरे विश्व को रोमांचित किया है।

हालाँकि विश्व के ज़्यादातर लोग भारत में चुनावों के स्वभाव और इसकी विशालता के बारे में जानते हैं, लेकिन नेशनल जिओग्राफ़िक ने ज़मीनी स्‍तर की कहानियों को कवर करने के लिए देश की आतंरिक गहराइयों तक का भ्रमण किया। भौगोलिक और सामाजिक-राजनीतिक तौर से भरपूर विविधता वाले एक देश को पूरी तरह कवर करती हुई यह डॉक्यूमेंट्री, दिल्ली में निर्वाचन आयोग के हाई पावर कॉरिडोर, भारत-चीन सीमा पर स्थित सुदूर इलाक़ों, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु के सघन बसे हुए क्षेत्रों, छत्तीसगढ़ की बेहद नाज़ुक स्थिति वाली जगहों और सुंदरबन के घने जंगलों से गुज़रती है। ऐसे विशाल देश में चुनाव आयोजित कराना बेशक टेढ़ी खीर है, लेकिन सांस्कृतिक विविधताओं वाले इस देश में चुनाव लड़ना और प्रचार करना एक बिल्कुल ही अलग कहानी है।

नेशनल जिओग्राफ़िक के अद्वितीय और अतुलनीय पहुँच के वादे को पूरा करने के क्रम में, ब्राण्ड ने प्रमुख नेताओं के अभियानों को फ़ॉलो किया। इसके कैमरे, दर्शकों को राजनैतिक दलों के वॉर-रूम के पर्दे के पीछे के दृश्य, राजनैतिक महारैलियों के पूरे दृश्य, सोशल मीडिया की भूमिका का विश्लेषण और मतदाताओं को लुभाने में उपयोग की गई नई टेक्नोलॉजी को कवर करेंगे और संसद तक पहुँचने की राह के सारे खेलों को सामने ले आएँगे।

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा इस डॉक्यूमेंट्री पर कहते हैं, चुनाव की जटिल प्रक्रिया के बीच में मतदाताओं की सुविधा और समस्याओं का ध्यान रखना न केवल लॉजिस्टिक तौर पर एक चुनौती है, बल्कि इसके लिए हर मतदाता तक पहुँचने के लिए एक प्रभावशाली आउटरीच प्रोग्राम की ज़रूरत भी होती है। विश्व के सबसे बड़े चुनाव को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए यह एक टेस्टामेंट है। यह देखकर अच्छा लग रहा है, कि नेशनल जिओग्राफ़िक जैसे ब्राण्ड ने इस चुनावी अभ्यास की विशालता को कवर करने की ठानी है और वह निष्पक्ष तरीक़े से दर्शकों को यह चुनौतीपूर्ण यात्रा दिखा रहा है। 

स्टार इंडिया की प्रेसिडेंट एवं हेड ऑफ़ कंज़्यूमर स्ट्रैटजी ऐंड इनोवेशन - गायत्री यादव इस घोषणा पर कहती हैं, नेशनल जिओग्राफ़िक, लोकतंत्र की कहानी बयाँ करने के लिए बेहद उत्साहित है, जो पूरी दुनिया के लिए प्रासंगिक है। पहली बार दर्शकों को दुनिया के इस सबसे बड़े लोकतांत्रिक अभ्यास की जटिलताओं और व्यापकता को समझने का मौक़ा मिलेगा और हर भारतीय को इस अविश्वसनीय यात्रा का हिस्सा बनकर गर्व महसूस होगा। लॉजिस्टिक्स और प्लानिंग के इस विशाल अभ्यास में मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट का क्रियान्वयन, मतदाता जागरूकता गतिविधियाँ, शांति समय में सैन्य बलों की सबसे बड़ी तैनाती और दिमाग़ घुमा देने वाले आँकड़े शामिल हैं, और ये सब मिलकर एक दिलचस्प कहानी बना रहे हैं, जिसे पूरी दुनिया के सामने लाने में नेशनल ज्योग्राफ़िक गर्व महसूस करता है।

Related News
यूएई के बाद इस देश ने पीएम नरेंद्र मोदी को किया सम्मानित
कश्मीर के लिए आवाज ना उठा पाने पर इस आईएएस ने दिया इस्तीफा
यूएई में सर्वोच्च सम्मान से नवाजे गए पीएम मोदी, कही यह बात
पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का निधन, काफी दिनों से थे बीमार
जन्माष्टमी उत्सव के दौरान गिरी मंदिर की दीवार, पाँच लोगों की मौत
कोर्ट में पेश हुए पी. चिदंबरम, सीबीआई ने मांगी 5 दिन की रिमांड