पशुपालकों ने अपर नगर आयुक्त को सौंपा पत्रक, शासन/प्रशासन के सम्मुख प्रस्तुत किया कुछ प्रमुख प्रस्ताव

पशुपालकों ने अपर नगर आयुक्त को सौंपा पत्रक, शासन/प्रशासन के सम्मुख प्रस्तुत किया कुछ प्रमुख प्रस्ताव

जहाँ नगर निगम वाराणसी नोटिस में #पशुपालकों /#पालतु पशुओं/#दुधारू पशुओं का उल्लेख किया है जिसके द्वारा चालान कर रहे है और घरों/बाङो से जबर्दस्ती गाय/ भैस को ले जा रहें है वह अनान्यपूर्ण एवं अवैध है।क्योंकि मा. न्यायालय के आदेश में " #STREET #ANIMALS " अर्थात #छुट्टापशुओं  की बात कही गयी है, जिसके अंतर्गत कुत्ते, सुअर ,साङ, बन्दर, बिल्ली इत्यादि आते है।

अतः नगर निगम वाराणसी माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों एवं विभिन्न अधिनियमों की सही जानकारी प्राप्त कर नोटिस को संशोधित करके जिसमें " पालतु पशुओं/ दुधारू पशुओं " शब्दावली को निकालकर नोटिस पुनः जारी करना चाहिए। अन्यथा वाराणसी नगर निगम वाराणसी द्वारा जारी की गई नोटिस कानून अवैध एवं अमान्य होगी तथा मनमानेपन के खिलाफ संगठन माननीय उच्च न्यायालय जाने को बाध्य होगा।

प्रत्येक व्यक्ति को #रोजगार उपलब्ध हो जिससे वह अपना व अपने परिवार का जीवकोपार्जन कर सके यह राज्य का दायित्व बनता है। तत्कालीन सरकार भी स्वरोजगार को प्रोत्साहन देने हेतु विभिन्न लघु एवं कुटीर उद्योग से संबंधित योजनाएं चला रही है। यदि गौ सेवक/ गौपालक दुधारू पालतू पशुओं के माध्यम से अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा है तो सरकार को उसे सहयोग प्रदान करना चाहिए न कि उसके अधिकार से वंचित करना चाहिए।

वाराणसी प्राचीन एवं अध्यात्मिक नगरी है जहाँ हज़ारोंशिव मंदिरों तथा अनेक शुभ अवसरों पर गाय के कच्चे दुध से दुग्धाभिषेक, रुद्राभिषेक तथा इससे निर्मित खाद्य पदार्थो का पूजन में प्रयोग होता है।सनातनी घरों में गाय के गोबर से जमीन लेपन के संस्कार दिनचर्या में है। अतः गौसेवक/गौपालक के दुधारू पशुओं को हटाने से धार्मिक कर्मकांड एवं संस्कृति जो विश्व प्रसिद्ध है विनिष्ट होने का खतरा है।

कान्हा उपवन छुट्टा/ आवारा पशुओं को शहर से बाहर रखने में विभिन्न समाचार-पत्रों व सोशल मीडिया से जानकारी के तहत अव्यवस्थाओ व गंभीर लापरवाही के चलते गायें मर रही है तथा वही उन्हें गड्ढा खोदकर दफना दिया जा रहा है।जो जाँच का विषय है। जिस पर मा.राष्ट्रीय हरित अभिकरण द्वारा समय समय पर पर निर्गत आदेश एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं स्वच्छता विधि 2017 तथा पशु क्रूरता अधिनियम अधिनियम 1960 के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।

साथ ही साथ गौ सेवकों/ गौपालको के कुछ प्रमुख प्रस्ताव भी शासन/प्रशासन के सम्मुख प्रस्तुत किया..

1-यदि गौपालको के जानवरों के गोबर से दिक्कत है तो आज पूरे शहर में गीला और सूखा कूङा का कंटेनर रखा जा रहा है उसी तरह जिन क्षेत्रों में गौपालक है उन क्षेत्रों में नगर निगम गोबर के लिए कंटेनर रखें जाय। सभी गौपालक अपने जानवरों का गोबर कंटेनर में निर्धारित समय से डालें जिससे नगर निगम प्रशासन सही स्थान पर इसे शहर के बाहर एकत्रित करने के लिए ले जाय। 

2-नगर निगम प्रशासन भी गौपालको से गोबर उठाने के लिए प्रति महीने या छमाही या वार्षिक इसके लिए प्रति जानवर या जैसा समझे न्यूनतम 10 रूपये प्रति जानवर " एनिमल प्रोटेक्सन " एक्ट के तहत सेवा शुल्क ले।

3-आज शहर में जहाँ चारों तरफ गौपालक अपने आवासों या बाङो में जानवर रखे है तो चारों तरफ " पशु चिकित्सालय " नहीं रह गया है। टैक्स से प्राप्त होने वाली राशि से सरकार चाहे तो पशु चिकित्सक की डिग्री लिये नौजवानों को इससे विभिन्न क्षेत्रों में जानवरों के लिए मोहल्ला क्लिनिक बनाकर गौपालको के जानवरों की देखभाल करते है तो इन्हें भी अतिरिक्त पारिश्रमिक मिलेगा।

4- गोबर को शासन/प्रशासन शहर के बाहर सरकार जिस तरह एस.टी.पी. प्लांट से दूषित जल को फिल्टर कर स्वच्छ जल देने का वादा किया है।वैसे ही गोबर से किसानों के लिए खाद, कम्पोस्ट साथ ही साथ गाँवो में गोबर गैस योजना को भी मजबूती मिलेगी जो वैकल्पिक ऊर्जा के साधन होंगे।

5- जिस तरह मध्य प्रदेश सरकार की पिछली सरकार ने शमशान घाटों पर लकड़ियों की जगह बड़ी बड़ी पिलर अथवा खंभे बनाकर पर्यावरण तथा धार्मिक दृष्टि दोनों से शवदाह संस्कार करवा रही है, जिससे वन एवं वृक्ष दोनों को बचाया जा सकता है।

6- वाह्य क्षेत्रों में गोबर को एकत्रीकरण किया जाये वहां के कम योग्य महिला/पुरुषो के द्वारा कंडी,शमशान के खंभे  बनाकर बाजार में प्रशासन इसकी बिक्री करावे तथा जिस तरह उज्जवला गैस कन्केशन के तरह मुफ्त की बात कही गयी थी। वहां उन परिवारों को आज भी कनेक्शन लेने के बाद बढ़ती महंगाई में सिलेंडर खरीदना महंगा है। तो ऐसे परिवारों को मुफ्त कंडी दिया जाय जिससे ईधन का साधन मजबूत होगा। वही इन महिला/पुरूषों को कंडी,खंभे बनाने के उपलक्ष्य में रोजगार से अच्छे आमदनी का श्रोत भी मिल जायेगा।

7- पशुओं का भी एक समय निर्धारित किया जाय कि दूध निकालने के बाद उन्हें खुले स्थान पर समय से छोङा जाय यदि असमय खुली सङको पर जानवर मिले तो गौपालको पर जुर्माना लगाया जाय। क्योंकि यदि पशुओं से जाम होता है तो शहर में भारी वाहनों से भी जाम हो सकता है पर जब उन्हें नो इन्ट्री खुलने पर शहर में लाया जाता है तो उसी प्रकार गौपालको के जानवरों के साथ भी किया जा सकता है।

8- जहाँ एक तरफ सरकार बीयर को होटलों, बीयर बार में बनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है तो कल वह शराब भी बनाने लगेंगे।

लेकिन दूध का कारोबार करने वाला व्यक्ति तो दूध से घी,मक्खन,दही, पनीर,मलाई इत्यादि ही न बनायेगा जो सभी के लिए पौष्टिक है। शराब या ऐल्कोहलिक पेय पदार्थ तो नहीं बनायेगा। 

9- जहाँ शहर में नियम कायदे ताख पर रख स्कूलों,मंदिरों या मस्जिद के ही नजदीक या सटे हुए दारू,बीयर, अंग्रेजी शराब,भांग की दुकान शासन /प्रशासन चलवा रहा है। जो समाज में घर घर को बर्बाद कर रहा है तथा इनके कारण सङको, मोहल्ला में  माताये बहनें तक सुरक्षित नहीं है साथ ही साथ प्रायः अपराध भी बढ़ रहा है। इन्हें तत्काल ऐसे स्थानों से हटाया या बंद करवाया जाय।

10- जब देश की सरकार पूँजीवादी व्यवस्था को मजबूत करते मल्टी नेशनल कंपनी (MNC) और उनके बङे बाजार के रूप में माल संस्कृति का विस्तारीकरण कर रही है जहाँ छोटे दुकानदारों के पेट पर हमला बरकरार है।वही आज भी दो तरह के उपभोक्ता देश में है जो माल से महंगे, ब्राडेड सब्जी, फल इत्यादि यहां तक दूध, मक्खन, घी खरीद रहे है तो दूसरे तरह का उपभोक्ता रेडी पटरी पर सब्जी, फल तो वही गली, मोहल्ले के गौपालको से दूध, दही, घी, मक्खन, पनीर अपेक्षाकृत कम दामों में खरीदता है।

अब तय शहर व शहरवासियो को करना है क्या शराब, बीयर, भांग की बिक्री एक स्वच्छ शहर समाज में बिकना जरूरी है कि हर घर को स्वच्छ और पौष्टिक दूध,दही, घी,मक्खन?

प्रस्ताव और कोर्ट के ऑर्डर के संबंध में जब प्रतिनिधि मंडल ने इस बाबत सवाल किया 598 अवैध डेयरी की सूची मांगी तो उन्होंने फिर कोर्ट का हवाला दिया इस तरह से प्रतिनिधिमंडल को गुमराह किया गया जिन्होंने चेतावनी दिया है कि हमारे हक हकूक मान सम्मान अधिकार को अगर छीना गया तो हम सड़क से लेकर न्यायालय तक संघर्ष करेंगे।

प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख रूप से संजीव सिंह, अमरनाथ पटेल, मनोहर यादव, रमेश यादव, राजेंद्र यादव, नीरज यादव, पवन यादव, धनंजय त्रिपाठी, अखिलेश यादव, रवि शंकर सिंह, संतलाल यादव, रामबाबू यादव, अजय यादव, राजकुमार गुप्ता, महेश उदित, प्रेम, नीरज, रामजी यादव, जय प्रकाश यादव, गुड्डू पटेल, संतोष यादव, राजकुमार यादव, सोनू, अजय मौर्य समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।

Related News
वाराणसी : पाकिस्तान को पटखनी देने वाले इस भारतीय खिलाड़ी को अजय राय ने किया सम्मानित
मिर्जापुर : एसपी ने थाना प्रभारी और चौकी इंचार्ज किया लाइन हाजिर
वाराणसी में पीएम मोदी ने इस कपड़े को खरीदने की गुजारिश की
उत्तर प्रदेश : मायावती को लगा तगड़ा झटका, पांच विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्षों ने दिया इस्तीफा
इस वजह से भाजपा विधायक समेत आठ पर केस दर्ज करने का हुआ आदेश
धनतेरस पर स्वर्णमयी मां अन्नपूर्णा के दर्शन के लिए श्रद्धलुओं की लंबी कतार