उन्नाव रेप कांड : सुप्रीम कोर्ट का आदेश, सात दिन में पूरी हो जांच

उन्नाव रेप कांड : सुप्रीम कोर्ट का आदेश, सात दिन में पूरी हो जांच

नई दिल्ली 

उन्नाव गैंगरेप मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई रंजन गोगोई ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से पूछा कि, 'आपको कितना समय चाहिए (रेप पीड़िता और अन्य के सड़क हादसे की जांच के लिए)' इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा, 'एक महीना'। 

सीजेआई ने जवाब दिया, 'एक महीना? नहीं, सात दिन में जांच कीजिए।' इससे पहले सीजेआई ने पूछा कि 'पीड़िता की कैसी स्थिति है?' इसके जवाब में सॉलिसिटर जनरल ने कहा, 'वह वेंटिलेटर पर हैं।' सीजेआई ने पूछा, "क्या वह हिलाए जाने की हालत में है...? हम पीड़िता को हिलाना नहीं चाहते, उसे एयरलिफ्ट किया जा सकता है... हम एम्स से कह सकते हैं..."

सुप्रीम कोर्ट ने दोपहर 2 बजे तक पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट मांगी और साथ ही कहा है कि अगर पीड़िता एयरलिफ्ट करने की हालत में है, तो उसे दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया जाए। वहीं, मुख्‍य न्‍यायाधीश रंजन गोगोई ने पीड़िता की मां द्वारा लिखी गई चिट्ठी का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि वह चिट्ठी मुझ तक क्यों नहीं पहुंची?

Related News
दशहरा के मौके पर दोस्‍तों और परिजनों को ये संदेश भेजकर दें बधाई
आज है विजयादशमी, इन कामों को करने से मिलता है शुभ फल
उत्तर प्रदेश : तेजस एक्सप्रेस में बुकिंग शुरू, इस दिन से कर सकेंगे सफर
सावधान : कार का शीशा गंदा या टूटा होने पर भी कट सकता है भारी चालान
इस शख्स के नाम कटा अब तक सबसे महंगा चालान
आज है टीचर्स डे! आप दे सकते हैं ये भाषण