इसी झील में रहते हैं शेषनाग, 24 घंटे में एक बार देते हैं दर्शन

इसी झील में रहते हैं शेषनाग, 24 घंटे में एक बार देते हैं दर्शन

जो श्रद्धालु बाबा अमरनाथ की यात्रा पर निकलते हैं, वे शेषनाग झील के पास जरूर आते हैं। ऐसा माना जाता है कि शेषनाग दिन में एक बार नज़र जरूर आते हैं। मान्यता है कि भगवान शिव जब माता पार्वती को अमर कथा सुनाने के लिए जा रहे थे तो उनके साथ नंदी, चंद्रमा और शेषनाग भी थे।

उन्होंने चंद्रमा को चंदनबाड़ी और नंदी को पहलगाम में छोड़ दिया था। शेषनाग को उन्होंने शेषनाग झील में रहने के लिए कहा था। शेषनाग झील जो कि नीले पानी की झील है, वह पहलगाम से 32 किलोमीटर और चंदन बाड़ी से 16 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसकी समुद्रतल से ऊंचाई 3658 मीटर है।

इस झील के बारे में बताया जाता है कि जो सच्ची श्रद्धा से यहां आते हैं और जो बहुत खुशनसीब होते हैं, उन्हें भगवान शेषनाग के दर्शन हो जाते हैं। ठंड के दिनों में यह झील पूरी तरह से जम जाती है। करीब डेढ़ किलोमीटर की लंबाई में यह झील फैली हुई है। श्रद्धालु इस झील के दर्शन के बिना आगे नहीं बढ़ते।


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