अयोध्या विवाद केस को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता समिति को दिया और तीन महीने का समय, अगली सुनवाई 15 अगस्त के बाद

अयोध्या विवाद केस को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता समिति को दिया और तीन महीने का समय, अगली सुनवाई 15 अगस्त के बाद

नई दिल्ली 

अयोध्या विवाद केस को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई। मध्यस्थता समिति को लेकर आज पहली बार सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई है। इस केस में पांच जजों की पीठ का नेतृत्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने किया जिसमें न्यायमूर्ति एसए बोबडे, एसए नजीर, अशोक भूषण और डीवाई चंद्रचूड़ शामिल थे। 

आज की सुनवाई को लेकर मध्यस्थता समिति ने अपनी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में जजों को सौंपी सुप्रीम कोर्ट में। जिसके बाद सकारात्मक समाधान के लिए तीन महीने का समय मांगा जिसे सुप्रीम कोर्ट ने मंजूर कर लिया। अब इस केस की सुनवाई 15 दिसंबर के बाद होगी। 

इस केस को लेकर मध्यस्थता समिति ने क्या काम किया है ये अभी नहीं मालूम हो पाया है।  अब 15 अगस्त के बाद ही पता चलेगा कि मध्यस्थता प्रक्रिया ने क्या हासिल किया, क्योंकि चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा, 'हम मामले में मध्यस्थता कहां तक पहुंची, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं कर सकते हैं। इसको गोपनीय रहने दिया जाए। 

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