वाराणसी : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के गांधी में इस मुद्दे पर आयोजित हुई संगोष्ठी

वाराणसी : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के गांधी में इस मुद्दे पर आयोजित हुई संगोष्ठी

वाराणसी 

रविवार को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के गांधी अध्ययनपीठ सभागार में दर्शनशास्त्र विभाग की ओर आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के दूसरे दिन भारत के विभिन्न विश्वविद्यालयों से कुल 38 प्रतिभागियों ने अपने शोध पत्र का वाचन किया है। 

इस संगोष्ठी में पांडिचेरी विश्वविद्यालय की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर शांताकुमारी ने कहा कि भारतीय दर्शन से न केवल पश्चिमी जगत बल्कि भारतीय जनमानस भी अपरिचित होता जा रहा है। आज दार्शनिक तत्वों को पुनः प्रकाशित करना होगा। दर्शन की मूल स्थापना है कि मनुष्य अज्ञान के स्वरूप एवं आवरण से ढका हुआ है। 

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए पांडिचेरी विश्वविद्यालय की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर शांताकुमारी ने कहा कि, इस अज्ञान के आवरण को आध्यात्मिक, सामाजिक व्यवहार एवं संस्कार से हटा सकते हैं, जिससे व्यक्ति की मूल प्रकृति, जिसमें ज्ञान, आनंद, सौंदर्य का प्राकट्य होता है, जिससे न केवल व्यक्ति बल्कि समाज एवं प्रकृति सभी लाभान्वित होते रहते हैं। 

संगोष्ठी में प्रमुख रूप से मानविकी संकाय की संकायाध्यक्ष प्रो. शशि देवी सिंह, प्रो. सभाजीत सिंह यादव, प्रो. राजेश कुमार मिश्र, प्रो. विजय कांत दुबे, डॉ. नंदिनी सिंह, डॉ. पितांबर दास, डॉ.नलिन श्याम कामिल, डॉ. आशुतोष त्रिपाठी, डॉ प्रभा शंकर मिश्र, डॉ. रुद्रानंद तिवारी , डॉ अनूप पति तिवारी, डॉक्टर जयंत उपाध्याय आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे। 

Related News
वाराणसी : बारिश का कहर, रिहायशी इलाकों में घुसीं गंगा
वाराणसी : होटल में फंदे से लटका मिला बलिया का व्‍यवसायी
वाराणसी : स्कूल में रोटी बनाते समय हुआ हादसा, बच्चे और रसोइया झुलसे
वाराणसी : रेल की रफ्तार पर आज मंथन करेंगे सांसद
वाराणसी : इस वजह से न्यायालय में मच गया हड़कंप
वाराणसी : कोकाकोला कम्पनी ने बच्चों के लिए किया ये शानदार पहल